कार्यप्रणाली

  • निगम द्वारा शासन की नीति के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ NIC Portal पर ई-टेंडरिंग/ ई-प्रोक्योरमेंट के माध्यम से टेंडर आमंत्रित किये जाते हैं| तदोपरांत निर्माण कार्यो का संपादन कराया जाता हैं |।
  • निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भवन निर्माण सामग्री एवं सीमेंट कंक्रीट का परीक्षण राजकीय प्रयोगशालाओं से नियमानुसार कराते हुए निर्धारित विशिष्टयों के अनुरूप निर्माण कार्यों का सम्पादन कराया जाता है |
  • निर्माण कार्य के पर्यवेक्षण हेतु निगम मुख्यालय पर महाप्रबन्धक(परियोजना प्रबन्ध) एवं प्रबन्धक (परियोजना) नियुक्त है।
  • निर्माण कार्यों के सम्पादन हेतु इकाई स्तर पर अधिशासी अभियन्ता, सहायक अभियन्ता एवं अवर अभियन्ता नियुक्त हैं।
  • निर्माण कार्यो की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तकनीकी रूप से अनुभवी डिप्लोमा / डिग्री (सिविल ) अभियंता की तैनाती निर्माण कार्य स्थलों पर की जाती है ।
  • निगम प्रबंधन द्वारा समय समय पर निर्माण इकाईयों के अभियंताओं के साथ निगम मुख्यालय के अधिकारियों निर्देश में बैठकें की जाती हैं, जिसमे निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग की जाती है ।
  • निगम मुख्यालय के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के निर्माण कार्यों का समय समय पर उच्च गुणवत्ता निश्चित करने के उद्देश्य से स्थलीय निरीक्षण किया जाता है ।
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