Jili slot gcash UP Police Awas Nigam Limited

उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम

निगम की स्थापना कम्पनी अधिनियम 1956 के अन्तर्गत दिनांक 27 मार्च 1987 को हुई। निगम द्वारा पुलिस विभाग एवं कारागार विभाग के लिए सभी प्रकार के अनावासीय / आवासीय भवनों के निर्माण कार्यो को सम्पादित कराया जाता है। इस निगम के विभागाध्यक्ष, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक होते हैं, जो पुलिस महानिदेशक /अपर पुलिस महानिदेशक स्तर के वरिष्ठ आई0पी0एस0 अधिकारी होते हैं। उक्त अधिकारी की तैनाती निगम में शासन द्वारा समय - समय पर की जाती है। निगम में कुल स्वीकृत पद 173 है, जिसमें 67 तकनीकी कार्मिक है।

नवीनतम समाचार एवं घोषणाएं

श्री प्रकाश डी०

अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक

निगम की स्थापना कम्पनी अधिनियम 1956 के अन्तर्गत 27 मार्च 1987 को हुई। निगम द्वारा मात्र पुलिस विभाग के निर्माण कार्यो को सम्पादित कराया जाता है। पुलिस विभाग के विभिन्न प्रकार के आवासीय/अनावासीय भवनों का निर्माण कराना है। इस निगम के विभागाध्यक्ष पुलिस महानिदेशक / अपर पुलिस महानिदेशक स्तर के आई0पी0एस0 अधिकारी होते हैं। उक्त अधिकारी को शासन द्वारा प्रतिनियुक्ति पर निगम में समय-समय पर तैनात किया जाता है। निगम में कुल स्वीकृत पद 173 है, जिसमें 67 तकनीकी कार्मिक है।

(श्री पी0के0 अग्रवाल)

महाप्रबन्धक (वित्त एवं लेखा)


श्री संजीव सक्सेना,

कार्य0 महाप्रबन्धक (परियोजना प्रबन्ध)

उद्देश्य

निगम की स्थापना कम्पनी अधिनियम 1956 के अन्तर्गत 27 मार्च 1987 को हुई। निगम द्वारा पुलिस विभाग एवं कारागार विभाग के लिए सभी प्रकार के अनावासीय / आवासीय भवनों के निर्माण कार्यो को सम्पादित कराया जाता है।

हमारे सिद्धांत

निगम द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को उत्तम बनाये रखने एवं कार्यों को निर्धारित समयावधि के अंतरगत स्वीकृत लागत में ही पूर्ण कराने का सदैव प्रयास रहता है । वर्त्तमान में प्रदेश के लगभग २५० कार्य स्थलों पर निर्माण कार्य प्रचलित है।

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